नर्मदापुरम में पीओपी की मूर्तियां रहेंगी प्रतिबंधित : नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव

नर्मदापुरम में पीओपी की मूर्तियां रहेंगी प्रतिबंधित : नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव

नर्मदापुरम् - नगरपालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव रविवार को देर शाम गुप्ता ग्राउंड में बन रही मूर्तियों के पंडालों का निरीक्षण किया गया। सभी मूर्तिकारों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति पीओपी की मूर्ति न तो बनाएगा और ना ही बाजार क्षेत्र में विक्रय के लिए रखेगा। ऐसा करते पाया जाता है तो पीओपी की मूर्तियां जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ और सिर्फ मिट्टी की प्रतिमा बनाई जाए। निरीक्षण के नगरपालिका अतिक्रमण दल प्रभारी सुनील राजपूत, राहुल चौरे सहित सभी मूर्तिकार उपस्थित रहे।

नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने कहा कि हम पीओपी की बजाय मिट्टी के गणेश स्थापित करें, क्योंकि पीओपी एवं केमिकल रंगों से बनी प्रतिमाएं न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं बल्कि स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। घरों-घर विराजित होने वाले गणेश जी की प्रतिमाएं मिट्टी की हों ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। घरों में सिद्ध गणेश (माटी गणेश) विराजमान हो सकें। इसलिए बाजार क्षेत्र में प्लास्टर आफ पेरिस तथा केमिकल युक्त रंगों की प्रतिमाओं के क्रय विक्रय को प्रतिबंधित किया गया है। बाजार क्षेत्र में नगरपालिका की टीम को अर्लट कर दिया गया है। नपाध्यक्ष श्रीमती यादव ने कहा कि नगर के स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों द्वारा मिट्टी की प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं जो कि काबिले तारीफ हैं। इससे स्पष्ट है कि हमारी नई पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। समस्त नागरिकों से आग्रह है कि वे गणेश चतुर्थी पर माटी के गणेश (सिद्ध गणेश) जी की प्रतिमा विराजित करें।

नपाध्यक्ष श्रीमती यादव ने कहा कि मिट्टी की गणेश प्रतिमा का अपना अलग ही धार्मिक महत्व के साथ ही आध्यात्मिक और पर्यावरणीय महत्व भी है। इसके साथ ही धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मिट्टी की मूर्ति और प्रतिमा को ही पवित्र और शुद्ध माना जाता है। मिट्टी की मूर्ति पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करतीं, जिससे जलीय जीवों के साथ ही जल की रक्षा होती है। नपाध्यक्ष श्रीमती यादव ने नगर के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने घरों में मिट्टी से बनी प्रतिमा की पूजा अर्चना कर धर्म लाभ अर्जित करें।