गंभीर और सनसनी मामलों के निराकरण के लिए MP में 80, नर्मदापुरम से एकमात्र ASI सुखनंदन नर्रे होंगे सम्मानित,

गंभीर और सनसनी मामलों के निराकरण के लिए MP में 80, नर्मदापुरम से एकमात्र ASI सुखनंदन नर्रे होंगे सम्मानित,

नर्मदापुरम - पुलिस विभाग में गंभीर और सनसनी खेस मामलों के निराकरण के लिए देहात थाने में पदस्थ एएसआई सुखनंदन नर्रे सम्मानित होंगे। यह सम्मान संपत्ति और शरीर संबंधी अपराधों में शत-प्रतिशत विवेचना कर ईमानदारी से पूर्ण करने पर प्रदाय किया जाता है। पुलिस महानिदेशक(DG) भोपाल कैलाश मकवाना द्वारा उन्हें मेडल और प्रमाण पत्र प्रदाय किया जाएगा। गंभीर और सनसनी खेस मामलों के निराकरण के लिए शुक्रवार देर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा सूची जारी की गई। जिसमें पुलिस विभाग के पूरे प्रदेश के 80 अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। वही नर्मदापुरम से देहात थाने में पदस्थ एकमात्र एएसआई सुखनंदन नर्रे सम्मानित होंगे।

कोतवाली थाने में पदस्थ रहने के दौरान एएसआई श्रीनर्रे ने साल 2017 में एक बालक के गुम होने पर उक्त बालक को करीब 6 साल बाद प्रयागराज उत्तर प्रदेश से दस्तियाब किया गया था। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गुरुकरन सिंह ने बालक के तलाश के संबंध में 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

डॉ सुनील मंत्री द्वारा अपने ही ड्राइवर की हत्या कर हड्डियों को एसिड से ड्रम में गलाने मामले में नोडल अधिकारी नियुक्त होने पर सब प्रतिशत साक्ष्यों के कथन लेकर माननीय न्यायालय में पेश करने पर माननीय न्यायालय नर्मदापुरम द्वारा आजीवन कारावास के दंड से दंडित किया गया था।

 वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर कोतवाली में तैनाती के दौरान बाल कल्याण अधिकारी होने के नाते तथा समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों, जिसमें लाइन ऑर्डर तथा विवेचना संबंधी कार्य को समय सीमा एवं पारित कार्यवाही करते हुए पूर्ण किया गया।

आपको बता दें कि श्रीनर्रे की साल 2003 में कांस्टेबल के रूप में बैतूल से रायसेन पोस्टिंग हुई। साल 2012 में प्रमोशन होकर हवलदार, साल 2015 में एएसआई बने। साल 2018 में रायसेन से ट्रांसफर होकर नर्मदापुरम कोतवाली में पदस्थ हुए। फिलहाल नर्मदापुरम के देहात थाने में कुछ दिनों पहले ही तबादला होकर ड्यूटी ज्वाइन की है।