नर्मदापुरम में अतिक्रमण पर प्रशासन का नोटिस बेअसर, आईजी और परिवहन कार्यालय के पास अब भी कायम टपरे, सिटी मजिस्ट्रेट ने बनाई टीम
नर्मदापुरम - जिला मुख्यालय पर आईजी कार्यालय और परिवहन कार्यालय की दीवार से सटा अतिक्रमण प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। लगातार मीडिया रिपोर्ट्स और शिकायतों के बाद देहात थाना पुलिस ने करीब दो दर्जन अतिक्रमणकारियों को तीन दिन के भीतर दुकानें हटाने के नोटिस जारी किए थे, लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी कब्जा जस का तस बना हुआ है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह ने अतिक्रमण हटाने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है। इस टीम की कमान मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौंपी गई है। टीम में राजस्व निरीक्षक (नजूल), नगर पालिका का अतिक्रमण निरोधक दल, तथा कोतवाली, देहात और यातायात थाना के अधिकृत आरक्षक शामिल किए गए हैं।
आदेश में कहा गया है कि दुकानदारों और फल-सब्जी विक्रेताओं द्वारा मुख्य मार्गों पर सामान रखने से शहर में जाम की स्थिति बन रही है। साथ ही, शासकीय और नजूल भूमि पर अस्थायी अतिक्रमण की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखें।
आईजी और परिवहन कार्यालय के पास दुकानों पर नोटिस का कोई असर नहीं हुआ है। अतिक्रमणकारी खुलेआम दुकानें चला रहे हैं, जिससे प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा गठित टीम की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
दीपावली की रात निर्माणाधीन अस्पताल भवन के सामने नजूल भूमि पर अचानक हुए अतिक्रमण ने भी पूरे शहर में चर्चा का माहौल बना दिया था। मीडिया के हस्तक्षेप के बाद दुकानदारों ने टपरे हटाए, लेकिन सूत्रों के अनुसार अतिक्रमण करवाने वालों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि कुछ दिनों बाद दोबारा दुकानें लगवा दी जाएंगी।
सूत्रों का यह भी कहना है कि आईजी और परिवहन कार्यालय के पास कई रसूखदारों की दुकानें मोटे किराए पर चल रही हैं। कई ने अतिक्रमित जगह दूसरों को लाखों रुपये में बेच दी है। इन दुकानों के आसपास दलालों का जमावड़ा लगातार बना हुआ है, जिससे क्षेत्र में अव्यवस्था और बढ़ रही है।